Weather Update: भीषण गर्मी के लिए तैयार हो जाएं , जानिये- अप्रैल से जून तक का हाल

 Weather Update: भीषण गर्मी के लिए तैयार हो जाएं , जानिये- अप्रैल से जून तक का हाल

मार्च महीने के मध्य से ही दिल्ली-एनसीआर समेत समूचे उत्तर भारत में गर्मी ने लोगों को परेशान करना शुरू कर दिया है।  अभी से दिल्ली-एनसीआर में दिन का तापमान 35 डिग्री छूने को है तो कई इलाकों में अधिकतम तापमान 35 और कई इलाकों 36 डिग्री सेल्सियस को पार कर गया है।  लगातार बढ़े तापमान को लेकर मौसम विज्ञानी पहले ही चेता चुके हैं कि इस बार झुलसाने वाली गर्मी की शुरुआत अप्रैल से ही हो जाएगी और कुलमिलाकर इस साल भीषण गर्मी पड़ने वाली है। जनवरी में इस बार जहां बारिश का 122 सालों का रिकार्ड टूटा वहीं ठंड का 72 साल का रिकार्ड बना। ऐसे में इस बार गर्मी के भी रिकार्डतोड़ पड़ने के आसार हैं।  

मार्च में ही गर्मी बना सकती आल टाइम रिकार्ड

पहले रिकार्डतोड़ बारिश, फिर रिकार्डतोड़ सर्दी के बाद अब मार्च में गर्मी 77 सालों का रिकार्ड तोड़ सकती है। इसके साथ गर्मी का नया आल टाइम रिकार्ड भी बना सकती है। मार्च में अभी का आल टाइम रिकार्ड 31 मार्च 1945 के नाम है जब अधिकतम तापमान 40.6 डिग्री दर्ज हुआ था। इस साल मार्च के मध्य तक अधिकतम तापमान 35 डिग्री पहुंच चुका है। इस बीच मौसम विभाग की मानें तो 20 मार्च तक अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक चला जाएगा। ऐसे में 31 मार्च तक 40 डिग्री पार हो जाने की पूरी पूरी संभावना है। पश्चिमी विक्षोभों का अभाव और मार्च महीने में अभी तक बारिश ना होना और आसमान साफ होने से रोजाना तेज धूप खिलना बढ़ती गर्मी का प्रमुख कारण बन रहा है। दिल्ली में लू भी इस साल समय पूर्व चल सकती है। यानी मार्च के अंत में गर्म हवाएं चले और अप्रैल में लू चलने लगी तो कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए।

मार्च में ही गर्म हवाओं से करना पड़ सकता है मुकाबला

भारत मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, होली के अगले दिन 19 मार्च को अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है। मार्च महीने में यह सामान्य से बहुत ज्यादा होगा। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि तापमान बढ़ने के साथ चलने वाली हवाएं गर्म हो सकती हैं। ऐसे बदलते मौसम में लोगों को सावधान रहने के जरूरत है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 20 मार्च तक दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा। इसमें लगातार बढ़ोतरी के आसार हैं, क्योंकि पश्चिमी विक्षोभ के चलते बारिश को गई संभावना बचे हुए मार्च महीने में नहीं है। इस बीच गुरुवार सुबह से ही दिल्ली-एनसीआर में गर्म हवाएं चल रही हैं। इनकी गति कहीं-कहीं 20-25 किलोमीटर है।

मई-जून में नहीं पड़ेगी वैसी गर्मी

जनवरी महीने में 122 साल का रिकार्ड तोड़ने वाली ठंड ने पहले ही इशारा कर दिया है कि इस बार दिल्ली-एनसीआर ही नहीं पूरे उत्तर भारत में भीषण गर्मी देखने को मिलेगी। मौसम विज्ञानियों की मानें तो 60 के दौरान पैटर्न के मुताबिक, जिस साल रिकार्ड तोड़ ठंड पड़ती है और शीतलहर चलती है उस साल  मई और जून महीने में भीषण ठंड पड़ती है। 6 दशकों के दौरान ऐसा ही देखने को मिला है। जनवरी महीने अधिक ठंड पड़ने की वजह से मौसम विज्ञान पहले ही पूर्वानुमान जता चुके हैं कि इस बार रिकार्ड तोड़ गर्मी पड़ेगी। मौसम विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, जब भी जनवरी महीना अधिक ठंडा रहा है और काफी समय तक तापमान में कमी रहती है उस साल मई-जून महीने में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार ही रहता है। वहीं, इस बार मार्च महीने के अंतिम दिनों ही अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस पार जाने के आसार हैं।

अल नीनो से भी बढ़ेगी लोगों की परेशानी

अल नीनो में समुद्र की सतह का तापमान बहुत अधिक बढ़ जाता है, इसके चलते मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी पड़ती है। स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के चलते पिछले साल मानसून आगे बढ़ा और फिर रिकार्ड बारिश हुई। इसके बाद जनवरी महीने ठंड ने 70 साल से अधिक का रिकार्ड तोड़ डाला। यही वजह है कि मार्च में ही अधिक गर्मी ने इशारा कर दिया है कि मई-जून में हालात खराब होने वाले हैं। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव के चलते इस साल अप्रैल, मई और जून में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान पिछले कई साल के गर्मी के रिकार्ड भी टूट भी सकते हैं। वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक एम. महापात्रा के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत में इस साल दिन का तापमान सामान्य से अधिक रहने के आसार हैं। अल नीनो के दौरान हीट वेव अधिक तेज होती है, जिसका असर इस साल भी रहेगा। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, अल नीनो और ला नीना का संबंध प्रशांत महासागर की समुद्री सतह के तापमान में होने वाले परिवर्तन से है। जब इस क्षेत्र में समुद्री सतह का तापमान सामान्य से नीचे होता है तो इस स्थिति को ला-नीना कहते हैं, वहीं अल नीनो की वजह से तापमान गर्म हो जाता है। अल नीनो की वजह से इस बार दिल्ली-एनसीआर में गर्मी बढ़ेगी।

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